हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वो भारत के साथ India-US relations को रीसेट करने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया। ये बयान तब आया जब कुछ घंटे पहले ही ट्रम्प ने भारत और रूस को लेकर कुछ तीखी बातें कही थीं। लेकिन जल्दी ही वो अपने बयान से पीछे हट गए और भारत के साथ दोस्ती की बात करने लगे। दूसरी तरफ पीएम मोदी ने भी ट्रम्प के इस सकारात्मक बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वो ट्रम्प के विचारों की सराहना करते हैं। आइए इस पूरे मामले को आसान शब्दों में समझते हैं।

सामग्री की तालिका (Table of Contents)
- क्या हुआ था पहले?
- ट्रम्प का नया बयान
- पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
- भारत-अमेरिका संबंधों का महत्व
- क्यों बदले ट्रम्प के तेवर?
- महत्वपूर्ण बयानों की तालिका
- आगे क्या होगा?
क्या हुआ था पहले?
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कुछ ऐसा लिखा जिससे हलचल मच गई। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। ये बयान सुनकर कई लोग हैरान हो गए। क्योंकि भारत और अमेरिका के बीच India-US relations हमेशा से ही मजबूत रहे हैं। लेकिन ट्रम्प का ये बयान ऐसा था जैसे वो भारत को लेकर नाराज हों। कुछ लोग कहने लगे कि शायद ट्रम्प भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे। खासकर व्यापार और रूसी तेल के मुद्दे पर।
ट्रम्प ने पहले भी भारत पर 50% टैरिफ लगाने की बात कही थी। उनका कहना था कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद नहीं करता तो अमेरिका को आर्थिक नुकसान होगा। ये बातें सुनकर भारत-अमेरिका के बीच India-US relations में थोड़ी तनातनी की खबरें आने लगी थीं। लेकिन ये सब ज्यादा देर नहीं चला।
ट्रम्प का नया बयान
शुक्रवार को ही शाम 6-7 बजे के बीच व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। वहां ट्रम्प ने अपने पुराने बयान से बिल्कुल उलट बात कही। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा। भारत के साथ India-US relations को रीसेट करने के लिए मैं तैयार हूं।” ये सुनकर सब हैरान रह गए। क्योंकि सुबह वो कुछ और कह रहे थे और शाम को कुछ और। ट्रम्प ने ये भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच खास रिश्ता है और इसको लेकर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं।
ट्रम्प ने ये भी बताया कि वो और पीएम मोदी पहले भी कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले जब मोदी अमेरिका आए थे तो दोनों ने साथ में रोज गार्डन का दौरा किया था। ट्रम्प ने मोदी को एक महान नेता भी कहा। इससे साफ हो गया कि ट्रम्प अब India-US relations को और मजबूत करना चाहते हैं।
पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
ट्रम्प के इस नए बयान का पीएम मोदी ने तुरंत जवाब दिया। शनिवार सुबह 9:45 बजे उन्होंने X पर ट्रम्प के बयान को शेयर किया और लिखा, “राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और हमारे संबंधों को लेकर उनके विचारों की तहे दिल से सराहना करता हूं। मैं उनका पूरा समर्थन करता हूं। भारत और अमेरिका के बीच एक सकारात्मक और दूरदर्शी रणनीतिक साझेदारी है।”
मोदी का ये जवाब बहुत सधा हुआ था। उन्होंने ना सिर्फ ट्रम्प की तारीफ की बल्कि ये भी साफ किया कि भारत India-US relations को बहुत अहम मानता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बहुत मजबूत हैं। उन्होंने ये भी बताया कि पीएम मोदी अमेरिका के साथ दोस्ती को बहुत महत्व देते हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों का महत्व
भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते सिर्फ दो देशों की दोस्ती नहीं हैं। ये एक रणनीतिक साझेदारी है जो पूरी दुनिया के लिए अहम है। दोनों देश व्यापार, रक्षा, तकनीक और सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में साथ काम करते हैं। India-US relations में हाल के सालों में काफी मजबूती आई है। दोनों देशों ने कई बड़े समझौते किए हैं। जैसे कि रक्षा क्षेत्र में नए हथियारों की खरीद और तकनीक का आदान-प्रदान।
हाल ही में पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच फोन पर भी बात हुई थी। उसमें भी दोनों ने India-US relations को और मजबूत करने की बात कही थी। ट्रम्प ने कहा था कि भारत एक बहुत अहम दोस्त है और वो इसे कभी चीन के हाथों नहीं जाने देंगे। ये बातें दिखाती हैं कि दोनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।
क्यों बदले ट्रम्प के तेवर?
सवाल ये उठता है कि आखिर ट्रम्प ने अपने बयान को इतनी जल्दी क्यों बदला? कुछ लोग कहते हैं कि ट्रम्प को अहसास हो गया कि भारत जैसे बड़े देश के साथ रिश्ते खराब करना ठीक नहीं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। साथ ही भारत का रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बड़ा रोल है। शायद इसलिए ट्रम्प ने India-US relations को बेहतर करने की बात की।
इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ट्रम्प को भारत पर दबाव न डालने की सलाह दी थी। पुतिन ने कहा था कि भारत और चीन जैसे देश धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। शायद इस बात का भी ट्रम्प पर असर हुआ।
महत्वपूर्ण बयानों की तालिका
| बयान देने वाला | बयान | तारीख और समय |
|---|---|---|
| डोनाल्ड ट्रम्प | ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। | 6 सितंबर 2025, सुबह 6 बजे |
| डोनाल्ड ट्रम्प | मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा। भारत के साथ India-US relations को रीसेट करने के लिए तैयार हूं। | 6 सितंबर 2025, शाम 6-7 बजे |
| पीएम मोदी | राष्ट्रपति ट्रम्प की भावनाओं और हमारे संबंधों को लेकर उनके विचारों की तहे दिल से सराहना करता हूं। | 6 सितंबर 2025, सुबह 9:45 बजे |
आगे क्या होगा?
ट्रम्प और मोदी के इन बयानों से साफ है कि दोनों देश India-US relations को और मजबूत करना चाहते हैं। दोनों देशों के अधिकारी अब एक नया व्यापार समझौता तैयार करने में जुट गए हैं। ये समझौता दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। साथ ही रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में भी नए मौके खुल सकते हैं। हालांकि कुछ लोग कहते हैं कि ट्रम्प का रवैया हमेशा बदलता रहता है। ऐसे में ये देखना होगा कि क्या वो अपनी बात पर कायम रहते हैं। लेकिन पीएम मोदी का जवाब दिखाता है कि भारत हर स्थिति में अपने हितों को पहले रखेगा। India-US relations में भविष्य में और मजबूती की उम्मीद है।
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